सेन्ट एम.पी. आवास ऋण योजना

CentMP Home Loan:

 

प्रयोजन
(अ) आवास निर्माण एवं नये या वर्तमान आवास/फ्लेट के क्रय हेतु ऋण दिया जावेगा परन्तु, आवास/फ्लेट 30 वर्ष से अधिक पुराना नहीं होना चाहिए।
(ब) वर्तमान आवास/फ्लेट के विस्तार हेतु
(स) वर्तमान आवास/फ्लेट की मरम्मत/नवीनीकरण/ परिवर्द्धन हेतु 
(द) भूखंड के क्रय हेतु वित्तपोषण किया जाएगा तथा आवेदक से यह घोषणा पत्र प्राप्त किया जावेगा कि वे 2 वर्ष के अंदर उक्त भूखंड पर आवास का निर्माण प्रारंभ कर देंगे तथा उनके द्वारा उक्त अवधि के दौरान आवास निर्माण कार्य प्रारंभ नही किये जाने पर सम्पूर्ण ऋण राशि व्यावसायिक ब्याज दर (बी.पी.एल.आर. +  4 जो, उस समय लागू हो) पर एक मुश्त अदा करनी होगी। उक्त व्यावसायिक ब्याज दर भूखंड हेतु ऋण लेने की दिनांक से ऋण अदायगी दिनांक तक बकाया राशि पर प्रभारित की जायेगी। बैंक को यह अधिकार है कि, वह उक्त अवधि में एक वर्ष की रियायत प्रदान कर सकता है तथापि, उक्त अवधि के दौरान भी व्यावसायिक ब्याज दर लागू रहेगी। 
पात्रता
 व्यक्तिगत, वेतनभोगी कर्मचारी, स्वनियोजित व्यक्ति, कोई भी ऐसा व्यक्ति जिसकी पहचान योग्य नियमित स्त्रोतों से आय हो।
 आवेदन दिनांक को आवेदक की आयु 18 वर्ष से कम नहीं होना चाहिए।
 व्यक्तिगत वेतनधारी आवेदकों को इन्कम टेक्स का फार्म-16 रिटर्न/प्रमाणित वेतन स्लिप आवश्यक रुप से प्रस्तुत करना होगा।
 स्वनियोजित व्यक्ति, व्यवसायी एवं अन्य व्यक्तियों के मामले में:-

1 रु. 10.00 लाख तक ऋण राशि हेतु पर्याप्त मासिक/वार्षिक आय होने के संबंध में समाधानकारक साक्ष्य आवेदक को प्रस्तुत करना होगा। तहसीलदार/मंडल राजस्व अधिकारी/ राजस्व विभाग के अधिकारी जो कि, राज्य स्तरीय गजेटेड स्तर से कम का न हो, के द्वारा जारी किया गया आय प्रमाण पत्र रु. 10.00 लाख तक के ऋण स्वीकृति हेतु मान्य किया जाएगा।

2 कृषक जो आयकर विवरणी दाखिल नहीं करते हैं, के माामले में तहसीलदार/मंडल राजस्व अधिकारी/राजस्व विभाग के अधिकारी जो कि, राज्य स्तरीय गजटेड स्तर से कम का न हो, के द्वारा जारी किया गया आय प्रमाण पत्र रु. 10.00 लाख तक के ऋण स्वीकृति हेतु मान्य किया जाएगा।

3 रु. 10.00 लाख से अधिक ऋण हेतु:- आय के साक्ष्य के प्रमाणस्वरुप आवेदक को पिछले दो वर्ष का इन्कम टेक्स रिटर्न प्रस्तुत करना होगा।
ऋण की मात्रा
नये /वर्तमान भवन/फ्लेट का निर्माण/ क्रय या वर्तमान भवन/फ्लेट का विस्तार हेतु अधिकतम ऋण राशि रु. 100.00 लाख निम्न शर्तो के तहत स्वीकृत की जायेगी:-
(अ) रु. 25.00 लाख तक के ऋण हेतु- 
नये/वर्तमान भवन/फ्लेट के निर्माण/क्रय/विस्तार लागत का 90 प्रतिशत ऋण दिया जायेगा जिसमें भूमि का मूल्य भी सम्मिलित है।
(ब) रु. 25.00 लाख से अधिक के ऋण हेतु- 
नये/वर्तमान भवन/फ्लेट के निर्माण/क्रय/विस्तार लागत का 75 प्रतिशत ऋण दिया जायेगा जिसमें भूमि का मूल्य भी सम्मिलित है।
बशर्ते कि आवेदक नीचे दिये गये पैरा 6 में वर्णित अनुसार नेट टेक होम पे/ आय मापदंड का अनुपालन करता हो
(स) वर्तमान भवन/फ्लेट की मरम्मत/नवीनीकरण/परिवर्द्धन हेतु वास्तविक लागत का 75 प्रतिशत या अधिकतम रू 10.00 लाख जो भी कम हो ,तक ऋण दिया जाएगा तथापि, ऋण राशि का निर्धारण नेट टेक होम मापदंड जो कि आगे बिन्दु क्रमांक (6) में दिये गये हैं के आधार पर किया जा सकेगा।
(द) भूखंड क्रय हेतु भूखंड की कीमत (पंजीकृत मूल्य) का 75 प्रतिशत ऋण दिया जावेगा बशर्ते कि नेट टेक होम पे मापदंड जो कि आगे बिन्दु क्रमांक (6) में दिये गये हैं, के आधार पर ऋण का निर्धारण किया जा सकेगा। केवल अकेले भूखंड क्रय हेतु ऋण प्रदान नहीं किया जावेगा। भूखंड की लागत आवास की इकाई लागत के 75 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए।
मार्जिन
(1) रु. 25.00 लाख तक की ऋण राशि हेतु-
(अ) नये/वर्तमान भवन/फ्लेट की निर्माण/क्रय/विस्तार लागत का 10 प्रतिशत न्यूनतम ।
(ब) वर्तमान भवन/फ्लेट की मरम्मत/ नवीनीकरण/परिवर्द्धन एवं भूखंड के क्रय पर लागत का 25 प्रतिशत न्यूनतम।
(2) रु. 25.00 लाख से अधिक की ऋण राशि हेतु-
(अ) नये/वर्तमान भवन/फ्लेट की निर्माण/क्रय/विस्तार लागत का 25 प्रतिशत न्यूनतम ।
(ब) भूखंड की पंजीकृत लागत का 25 प्रतिशत न्यूनतम।
प्रतिभूति
(अ) वित्तपोषित की जा रही संपत्ति का साम्यिक/पंजीकृत बंधन किया जाएगा।
(ब) हाउसिंग बोर्ड/समिति/भवन निर्माताओं से क्रय किये जा रहे भवन/फ्लेटों के मामले मे जहाँ सम्पत्ति का बंधक तत्काल किया जाना संभव नही है, वहाँ हाउसिंग बोर्ड/समिति/भवन निर्माताओं, उधारग्रहिता एवं बैंक के मध्य त्रिस्तरीय (ट्राईपरटाइट) अनुबंध निष्पादित किया जाना चाहिए। उक्त अनुबंध को निष्पादित करने के पूर्व इसे बैंक के पेनल अधिवक्ता से प्रमाणित करवाया जाना चाहिए, जिससे कि बैंक का हित विपरीत रूप से प्रभावित न हो।

(स) जहाँ सम्पत्ति का बंधक किया जाना संभव नही हो, वहाँ अन्य दृष्य प्रतिभूतियों जैसे- अन्य अचल सम्पत्तियों जैसे सावधि जमा, एल.आई.सी. पाॅलिसी(एस.व्ही.), अन्य सरकारी प्रतिभूतियाँ जैसे एन.एस.सी./के.व्ही.पी./आई.व्ही.पी. एवं बाॅण्ड्स जिसका मूल्य ऋण राशि के 125 प्रतिशत से अधिक हो को प्रतिभूति के रूप मे लिया जा सकता है, बशर्ते ऐसे प्रकरणों में ऋण की अदायगी निर्धारित अवधि मे करने हेतु आवेदक के पास पर्याप्त अदायगी क्षमता होना चाहिए। 
जमानत
 वेतनधारी व्यक्तियों के मामले मे ऋण राशि का ध्यान रखे बगैर जमानत प्राप्त करने की शर्त में छूट प्रदान की गयी है। स्वनियोजित व्यक्ति एवं अन्यों के मामले में रु. 20.00 लाख तक की ऋण राशि हेतु किसी भी प्रकार की जमानत की आवश्यकता नहीं है तथापि, रु. 20.00 लाख से अधिक की ऋण राशि हेतु स्वनियोजित व्यक्ति एवं अन्यों से पत्नि,पति,पिता माता,बहन,भाई आदि को जमानत पर जोर न देते हुए सहऋणी के रुप में लिया जा सकता है। ऐसे मामलों में जहा ई.एम.आई. या सकल आय मानदंड या पात्रता मानदंड में विचलन हो वहां बैंक जमानत/नगद संपार्शिविक प्रतिभूति की मांग कर सकता है।
अदायगी
(अ) भवन निर्माण एवं भवन/फ्लेटों के क्रय (10 वर्ष से अधिक पुराना न हो) के मामले में अधिकतम अदायगी अवधि 25 वर्ष या सेवानिवृत्ति की दिनांक तक या उधारग्रहिता की 70 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक जो भी पहले हो, के अनुसार अदायगी अवधि का निर्धारण किया जायेगा। यदि उधारग्रहिता 60 वर्ष से अधिक आयु का है, तब तत्काल उसके उत्तराधिकारी को जमानतदार/सहऋणी बनाया जावे तथा अन्य उत्तराधिकारियों से निष्पादित सहमति पत्र प्राप्त किया जाना चाहिए।
(ब) जहाँ 10 वर्ष से अधिक निर्मित आयु का भवन/फ्लेट क्रय हेतु ऋण दिया जाना है, वहाँ अधिकतम अदायगी अवधि 20 वर्ष या सेवानिवृत्ति दिनांक तक की अवधि या 65 वर्ष की आयु तक पहुँचने की अवधि तक जो भी पहले हो, के अनुसार अदायगी अवधि का निर्धारण किया जायेगा।
(स) वेतनधारियों के मामले में अदायगी अवधि को कर्मचारी की सेवानिवृत्ति के पश्चात 70 वर्ष की आयु तक बढाया जा सकता है, बशर्ते कि सेवा निवृत्ति के पश्चात की आय इतनी पर्याप्त हो की उससे इक्विटेड मंथली इंस्टालमेंट (ईएमआई) की पूर्ति की जा सके।
(द) वेतन धारियों के मामले में ईएमआई का निर्धारण 70 वर्ष की आयु तक या भवन के 10 वर्ष से अधिक पुराना नहीं होने पर अधिकतम 25 वर्ष की अदायगी अवधि निर्धारित की जा सकती है परंतु भवन के 10 वर्ष से अधिक पुराना होने पर अधिकतम 65 वर्ष तक की आयु या अधिकतम 20 वर्ष की अदायगी अवधि निर्धारित की जा सकती है।
(ई) वर्तमान भवन/फ्लेट के विस्तार/मरम्मत/परिवर्द्धन के मामले में अधिकतम अदायगी अवधि 10 वर्ष होगी।
(फ) अधिकतम अदायगी अवधि में गेस्टेशन पीरीयड की अवधि सम्मिलित है। दूसरे शब्दों में यह कि गेस्टेशन अवधि एवं किश्तों की अदायगी अवधि को सम्मिलित करते हुए कुल अवधि योजना में दर्शित अधिकतम अदायगी अवधि से अधिक नहीं होना चाहिए 
उदा. यदि उधारग्रहिता संपूर्ण ऋण राशि 180 ईएमआई में अदा करने का विकल्प देता है तब कुल अदायगी अवधि गेस्टेशन अवधि सम्मिलित करते हुए 180+36=216 महिने होगी जो कि योजना में निर्दिष्ट अधिकतम अदायगी अवधि से अधिक नहीं होना चाहिए।
(ज) भूखंड क्रय के मामले में अदायगी अवधि को भवन निर्माण के साथ संलग्न करना चाहिए यदि निर्माण निर्धारित 2 वर्ष की अवधि के दौरान प्रारंभ नहीं होता है तब संपूर्ण ऋण राशि रिकाल करने हेतु पात्र हो जावेगी एवं तत्काल देय होगी। आपवादिक मामले में ऋण की अदायगी अगले 3 वर्षो के अंदर पीएलआर+4 प्रतिशत ब्याज दर पर अनुमत की जा सकती है।
ब्याज
 बैंक द्वारा समय-समय पर निर्धारित ब्याज दरों के अनुसार ब्याज दर लागू होगी जो बी.पी.एल.आर. पर आधारित होगी।
 हमारे बैंक में फ्लोंटिंग रेट सिस्टम लागू है। अतः उधारग्रहिता से यह अधिकार पत्र प्राप्त किया जाए कि ब्याज दरों में वृद्धि के कारण ई.एम.आई. में बदलाव आने पर बैंक अदायगी अवधि/ईएमआई में वृद्धि कर सकता है।
 आवास ऋण पर लागू वर्तमान में ब्याज दरें निम्नानुसार हैः-
क्रं विवरण अवधि ब्याज दरें
(वार्षिक)
1
राशि का ध्यान रखे बगैर
5 वर्ष तक अदायगी हेतु 10.00% BPLR  से 2.50 कम
5 वर्ष से अधिक अदायगी हेतु
10.25% BPLR  से 2.25 कम
उक्त दरें ठच्स्त् में परिवर्तन के साथ समय समय पर परिवर्तनशील है।
व्यक्तिगत आवास का ऋण टेक ओव्हर
 आवास ऋण को अधिग्रहित (टेक ओव्हर) करते समय अन्य बैंक में स्थित आवास ऋण खाता नियमित है एवं मूलधन / ब्याज की कोई भी किश्त अतिदेय नहीं है। उक्त आवास ऋण खाते की अवधि पूर्व बैंकर के ऋण खाते की अवधि को सम्मिलित करते हुए 25 वर्ष से अधिक नहीं होना चाहिए। उक्त ऋण खाता पूर्व बैंकर द्वारा रिस्ट्रक्चर (पुनर्निधारित) किया गया नहीं होना चाहिए।
नेट टेक होम पे/आय मापदंड
(अ) ऐसे आवेदक जिनकी वार्षिक आय रु. 5.00 लाख तक है उनकी नेट टेक होम पे/ आय सह ऋणी की आय को सम्मिलित करते हुए सकल मासिक आय का 35 प्रतिशत से कम नहीं होना चाहिए इसे रु. 5.00 लाख से अधिक परंतु रु. 10.00 लाख से कम वार्षिक आयधारियों हेतु 30 प्रतिशत एवं रु.10.00 लाख से अधिक वार्षिक आयधारियों हेतु 25 प्रतिशत तक स्वीकार किया जा सकता है। प्रस्तावित आवास ऋण पर प्राप्ति योग्य कर रियायत को ऋण पात्रता एवं नेट टेक होम पे के निर्धारण हेतु गणना में लिया जाना चाहिए।
(ब) सकल वार्षिक आय में केवल समस्त स्त्रोतों से प्राप्त होने वाली नियमित आय को ही सम्मिलित किया जाना चाहिए। काल्पनिक आय या अस्थाई आय जैसे ओव्हरटाईम आय इत्यादि को सकल आय में से घटाया जाना चाहिए भले ही उनका प्रवाह नियमित हो।
(स) सकल आय में किराये से प्राप्त होने वाली आय (कर एवं प्रभार घटाने के पश्चात) को जोड़ा जाना चाहिए यदि उक्त संपत्ति किराये पर दिया जाना प्रस्तावित है।
(द) नेट टेक होम पे/आय का निर्धारण लिए गये विभिन्न ऋणों की किश्ते जिसमें प्रस्तावित ऋण की किश्तें भी सम्मिलित है को सकल आय में से घटाकर किया जाए इसी प्रकार प्राविडेण्ट फंड, आयकर एवं अन्य साविधिक कटौतियों को भी सकल आय में से घटाया जाए।
(ई) आवेदक द्वारा दर्शाई गयी आय के संबंध में पर्याप्त दस्तावेजी साक्ष्य होना आवश्यक है।

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• Terms and conditions applicable